EMI क्या है?
लोन लेते समय आप आमतौर पर हर महीने एक तय राशि चुकाते हैं। इसे EMI (समान मासिक किस्त) कहते हैं। हर EMI में मूलधन और ब्याज शामिल होता है। शुरुआती किस्तों में ब्याज का हिस्सा अधिक होता है; बाद में मूलधन का हिस्सा बढ़ता है।
EMI का फ़ॉर्मूला
EMI = P × R × (1 + R)N ÷ ((1 + R)N − 1)
- P = लोन की मूल राशि
- R = मासिक ब्याज दर
- N = कुल मासिक किस्तें
वार्षिक दर के लिए R = वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100। मासिक दर के लिए R = मासिक दर ÷ 100।
उदाहरण
कार लोन
- राशि: ₹10,00,000
- ब्याज: 9% वार्षिक
- अवधि: 5 वर्ष (60 महीने)
- EMI ≈ ₹20,758.36 प्रति माह
होम लोन
- राशि: ₹50,00,000
- ब्याज: 8.5% वार्षिक
- अवधि: 20 वर्ष (240 महीने)
- EMI ≈ ₹43,391.16 प्रति माह
क्रेडिट कार्ड बकाया
- राशि: ₹2,00,000
- ब्याज: 3% मासिक
- भुगतान अवधि: 12 महीने
- मासिक भुगतान ≈ ₹20,092.42
संक्षेप में
अधिक लोन राशि या ब्याज दर से EMI बढ़ती है। लंबी अवधि EMI घटाती है, लेकिन कुल ब्याज आमतौर पर बढ़ जाता है। शुल्क, बदलती दरें और राउंडिंग वास्तविक राशि को प्रभावित कर सकते हैं।
My EMI Planner पर अलग-अलग विकल्पों की तुलना की जा सकती है।